विज्ञान के चमत्कार

विज्ञान की उन्नति हमें नित्य नए उपकरण देकर हमारे जीवन में सुविधाएँ जुटाने में सतत संलग्न हैं। आज से पचास-साठ वर्ष पूर्व जो हमारा कष्टसाध्य जीवन था, विज्ञान ने इन वर्षों में हमें उससे मुक्ति दिलायी है।
विद्युत के आविष्कार ने विश्व का मानचित्र ही बदल डाला। अंधेरे जगत में उजाला छा गया। रात भी दिन में परिवर्तित हो गई। आज हमें जो विद्युत प्राप्त है उससे जब चाहें बटन दबाते ही प्रकाश प्राप्त कर सकते हैं। विद्युत का हम अनेकों प्रकार से उपयोग कर रहे है। प्रकाश के अतिरिक्त विद्युत शक्ति का भी काम देती हैं। अनेकों कल-कारखाने विद्यत की शक्ति से चालित होकर हमारे सुख सुविधा की वस्तुओं का ढेर लगा दे रहे हैं। आज कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां विद्युत से काम न लिया जा रहा हो।
विज्ञान की उन्नति ने हमें एक से एक वेग से चलने वाली सवारियां दे दी हैं। रेल मोटर वायुयान विज्ञान ने ही प्रदान किए हैं। आज हम जो फासला महीनों में तय कर सकते थे उसे कुछ घण्टों में कर ले रहे हैं। हैलीकोप्टर की सहायता से हम दुर्गम स्थानों में भी पहुँच सक रहे है। प्राकृतिक प्रकोप- जैसे बाढ या भूकम्प-आने पर जनता के यातायात के साधन छिन्न भिन्न हो जाते है। प्रभावित लोगों तक आहार आदि पहुँचाना सम्भव नहीं होता। ऐसी दशा में बाढ में फसे लोगों को भोजन पानी हैलीकोप्टरों द्वारा पहुँचाया जा सकता है। अति संकट में घिरे हुओं को रस्सी द्वारा उस स्थान से हैलीकेप्टर के अन्दर खींच लिया जाता हैं।
घरेलू काम काज में हमारा हाथ बटाने के नए नए यंत्र विज्ञान ने हमें दिए है। बिना धुएं के गैस से जलने वाले चूल्हों के प्रयोग ने आंखें फोड़ने वाले धुएं से बचा लिया है। बरतन काले होने से बच जाते हैं। कपड़ा धोने के लिए मशीन के आजाने से रगड़ने का श्रम बच गया है। मिक्सी के आजाने से कूटना पीसना सहज हो गया है। मानव के श्रम में न जाने कितनी बचत हो गई है।
मनोरंजन का क्षेत्र भी विज्ञान का बहुत ऋणी है। रेडियो, टेलीविजन से जब हम चाहें तब अपना मनोरंजन कर सकते है। विश्व के किसी भी कोने में हुई घटना का विवरण उस दृश्य को देखते हुए उसी समय प्राप्त कर सकते हैं। घर में बैठ कर रेडियों पर क्रिकेट की कामेन्ट्री सुन सकते है, तो दूरदर्शन पर उसे प्रत्यक्ष देखते हुए भी उसका आनंद ले सकते हैं। जिस सिनेमा के लिए टिकटों की खरीद कष्ट साध्य होती थी उनको देखने के लिए अब सिनेमा घरों को जाने की आवश्यकता नहीं। घर बैठे टेलीविजनों पर चित्र दिखलाए जाने लगे हैं।
टेलीफोन ने तो विश्व को एक परिवार ही बना दिया है। अपने पा में ही बैठ कर हम भारत वर्ष के किसी भी नगर या गांव में रहनेवालों से बातचीत इस प्रकार कर सकते है जैसे वह सामने ही बैठा हो।
चिकित्सा के क्षेत्र में भी विज्ञान ने बहुत कुछ दे दिया हैं। एक्सरे दाग हम शरीर के अन्दर के विकारों को प्रत्यक्ष देख सकते हैं। अनेक नवीन यन्त्रो की सहायता से उपचार करना आसान हो गया है। विज्ञान की उन्नति ने ही हमें असाध्य आपरेशन करने की क्षमता प्रदान की है।
विज्ञान तो हमें शक्ति प्रदान करता है। अब यह हमारे हाथ में है कि उसका उपयोग हम मानवता की भलाई के लिए करें या उसके विनाश के लिए। विज्ञान ने हमे युद्ध में प्रयोग होनेवाले घातक अस्त्र शस्त्र प्रदान किए हैं। उन शस्त्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर सुरक्षित प्रहार करने के लिये मानव रहित यान भी प्रदान किए हैं। अमेरिका ने जापान के विरुद्ध अणु बाम्ब का प्रयोग कर अपार धन-जन की हानि पहुँचाई। भारत भी अणु शक्ति का उपयोग कर रहा है। आणविक शक्ति के उपयोग से भारत में विद्युत उत्पादन हो रहा है। यहाँ इस शक्ति का उपयोग मानवता के कल्याण के लिए किया जा रहा है।
वास्तव में विज्ञान के चमत्कार अदभुत है। आज का युग वैज्ञानिक युग है। विज्ञान मानव के लिए वरदान सिद्ध हुआ है। यह मानव पर निर्भर है कि उसका उपयोग विश्व के विकास के लिए करे या उसके विनाश के लिए।