मंसूर अली ख़ां पटौदी



मंसूर अली खां पटौदी क्रिकेट की दुनिया का जाना-माना नाम है। वह क्रिकेट खेलने वाले सभी देशों की क्रिकेट टीमों में से आज तक के सबसे युवा क्रिकेट कप्तान हैं। वह पूर्व पटौदी राजवंश के परिवार के सदस्य हैं। पटौदी मात्र 21 वर्ष की आयु में टीम के कप्तान बन गए थे। उस समय टीम के सभी सदस्य उनसे उम्र में बड़े थे।
मंसूर अली ख़ां पटौदी को ‘नवाब पटौदी जूनियर’ कहकर भी पुकारा जाता और ‘टाइगर पटौदी’ कह कर भी। उन्हें क्रिकेट खेलने की प्रेरणा अपने पिता से मिली जो क्रिकेट को बहुत पसन्द करते थे। उनके पिता इर्तिख़ार अली खां, जो ‘पटौदी नवाब सीनियर’ कहलाते थे, बड़े क्रिकेट प्रेमी थे। इर्तिखार अली ख़ां ने क्रिकेट का खेल इंग्लैंड में सीखा था और टैस्ट मैचों में देश का प्रतिनिधित्व भी किया था। इसके पश्चात् वह भारत वापस आ गए थे और उन्होंने राष्ट्रीय टीम का 1946 में नेतृत्व किया।
मंसूर अली खां ने भी खेल सीखने की शुरुआत इंग्लैंड से ही की। अपनी स्कूली शिक्षा तथा कॉलेज शिक्षा भी उन्होंने इंग्लैंड में ही प्राप्त की और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में टीम का नेतृत्व किया। वह आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में टीम का नेतृत्व करने वाले एकमात्र भारतीय हैं। आक्सफोर्ड के पश्चात् प्राकृतिक रूप से वह ससेक्स की ओर मुड़ गए। ‘ससेक्स काउंटी में 23 बार उन्होंने टीम का नेतृत्व किया।