सरदार वल्लभ भाई पटेल

हमारा भारत देश महान है और यहाँ ऐसे वीरों ने जन्म लिया है जो अपने महान कार्यों तथा अटल निश्चयों के कारण अमर हो गए। इनमें एक महान पुरुष का नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल था। जिन्होंने अपनी सूझबूझ तथा बुद्धिमता के बल पर कार्य किया। जब भारत अलग-अलग रियासतों पर बँटा हुआ था तो उन्होंने सभी रियासतों को फिर से भारत में मिलाया व एक नए भारत का निर्माण किया।
सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म सन् 1885 ई. में गुजरात राज्य के करमसद नाम गाँव में हुआ था। इनके पिता का नाम झबेर भाई पटेल था। जो कि साधारण किसान थे किन्तु वह दृढनिश्चयी थे। वल्लभ जी भी अपने पिता की तरह दृढनिश्चयी बने। वह साधारण परिवार से थे इसके बावजूद भी वह इंग्लैंड गए व बैरिस्टर बन कर लौटे। सरदार वल्लभ भाई पटेल भी अपने पिता की तरह ही वीर थे। उनका कर्तव्यनिष्ठा तथा दृढ़ता का उदाहरण इसी बात से मिलता है कि एक बार जब वह मुकदमा लड़ रहे थे तो इसी के दौरान उन्हें पत्नी की मृत्यु का तार मिला उन्होंने तार पढ़ा और विचलित हुए बिना मुकद्मा जारी रखा। उनके इसी कठोर व्यक्तित्व के कारण उनका नाम ‘लौह पुरुष’ पड़ा। सरदार वल्लभ भाई पटेल का मन वकालत में नहीं लगा। और वह वकालत छोडकर भारत के स्वतंत्रता संग्राम में रम गए तथा देश की सेवा में हाथ बँटाने लगे।